टेलीफ़ोन
हे टेलीफ़ोन के जन्मदाता
ग्राम बेल
तुम्हे धन्यवाद !
जो तुमने ऐसे पुत्र को जन्म दिया !
वैसे एक धरती के एक अंधे धृतराष्ट्र ने
सो पुत्रों को जन्म दिया !
कोई बताये
इस देश के लिए उन्होंने क्या किया !
तुम्हारा पुत्र,
सारे संसार का
एक आवशयक अंग है
वह तारे पर झूमती एक तरंग है !
किसी का दर्द,
किसी का गीत,
किसी की पीड़ा,
किसी का मीत
समूचे विश्व को रखता है चेतन
क्या हुआ जो उसका है काला तन
पुत्र उगाने में हम पीछे नहीं
पुत्रों का जंगल खड़ा है
कही बेवस पड़ा है
कही अड़ा है, कही सड़ा है, कही गढ़ा है
फिर भी पुत्र उगाने की
परंपरा जारी है
ग्राम बेल
तुम्हे धन्यवाद !
जो तुमने ऐसे पुत्र को जन्म दिया !
वैसे एक धरती के एक अंधे धृतराष्ट्र ने
सो पुत्रों को जन्म दिया !
कोई बताये
इस देश के लिए उन्होंने क्या किया !
तुम्हारा पुत्र,
सारे संसार का
एक आवशयक अंग है
वह तारे पर झूमती एक तरंग है !
किसी का दर्द,
किसी का गीत,
किसी की पीड़ा,
किसी का मीत
समूचे विश्व को रखता है चेतन
क्या हुआ जो उसका है काला तन
पुत्र उगाने में हम पीछे नहीं
पुत्रों का जंगल खड़ा है
कही बेवस पड़ा है
कही अड़ा है, कही सड़ा है, कही गढ़ा है
फिर भी पुत्र उगाने की
परंपरा जारी है
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