उसका क्या दोष
नदी का काम है बहना
वह बहती है
संग कोई बाह जाये
तो उसका क्या दोष है !
सूरज का काम है जलना
वह जलता है
कोई झुलस जाये
तो उसका क्या दोष है !
फूल का काम है खिलना
वह खिलता है
कोई मचल जाये
तो उसका क्या दोष है !
मौसम का काम है बदलना
वह बदलता है
संग कोई बदल जाये
तो उसका क्या दोष है !
हवा का काम है बहना
वह बहती है
कोई उड़ जाये
तो उसका क्या दोष है !
मय का काम है
मदहोश करना
कोई बहक जाये
तो उसका क्या दोष है !
वह बहती है
संग कोई बाह जाये
तो उसका क्या दोष है !
सूरज का काम है जलना
वह जलता है
कोई झुलस जाये
तो उसका क्या दोष है !
फूल का काम है खिलना
वह खिलता है
कोई मचल जाये
तो उसका क्या दोष है !
मौसम का काम है बदलना
वह बदलता है
संग कोई बदल जाये
तो उसका क्या दोष है !
हवा का काम है बहना
वह बहती है
कोई उड़ जाये
तो उसका क्या दोष है !
मय का काम है
मदहोश करना
कोई बहक जाये
तो उसका क्या दोष है !
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