बदला परिवेश

बदला परिवेश

अनुशासनहीन हुआ आज मेरा देश
सोने की चिड़िया का बदला परिवेश  !

झूट आज यो गया वक्त का प्रमाण
सत्य आज हो गया घर में गुलाम
चरणी गीत सब बन गए वंदन
नकली खुशबुओं में आज बिक रहा चन्दन !

भ्रस्ट आचरण आज बन गया गणवेश
सोने की चिड़िया का बदला परिवेश !

कोरे आश्वासन और खोखले नारे
टूटे आदर्शो के ढूंढते सहारे
शक्ति का अभिमान और रिश्तों का तंत्र
सफलता का बन गया रिश्वत ही मंत्र !

पूज्य है पुजारी और पूजन अन्वेष
सोने की चिड़िया का बदला परिवेश !

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