अब के बरस

अब के बरस
बरस तू बरस !

मेरे आंगन में तू मेरे गाँव में
मेरे कंगना में तू मेरे पाँव में !

मेहंदी रची मेरी हाथ की हथेली
पायल बानी मेरे पाँव की सहेली
रात रात होगी
बाते सरस - ाबके बरस !
अबके  बरस बरस तू बरस  !

सितारों जड़ी लाल रंग चुनरी है औढी
काजल बिना न मणि आँख भी निगोड़ी
गात-गात करेंगे
दरस - परस - अब के बरस !
अबके  बरस बरस तू बरस  !

साँस - साँस लगदी है अब के उमंगी
बगिया में छाएगी बहार बहुरंगी
रोम रोम में है
हर्ष - हर्ष ाबके बरस !

सखी सहेलिया छेड़े मुज़हे आकर
ननदी  छेड़े मुज़हे कोहनी लगाकर
सावन झुलायेंगे
अबके  बरस -अबके  बरसा !
अबके  बरस बरस तू बरस  !

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