धुन होगी तो

धुन होगी तो धरणीधर भी हिल जायेगा !
धुन होगी तो मुरलीवाला भी मिल जायेगा !!

पीड़ाओं का हाहाकार
सहकर, बन जाता ध्रुवतारा
जलती ज्वाला से बच पाता
धुन का पक्का बाल - दुलारा
धुन होगी तो विष भी अमृत हो जायेगा !

एक लगन को बांध के मन में
अम्बर से गंगा ले आया
माटी की मूरत के संग में
वीर धनुर्धर वह बन पाया
धुन होगी तो पंगु गिरिवर चढ़ जायेगा !
धुन होगी तो धरणीधर भी हिल जायेगा !

तन को जलाता और तपाता
तब जाकर सोना बन पाता
अनगिनत पलकें जागती रहती
तब जाकर हिरा मिल पाता
गन होंगे तो गन का ग्राहक भी मिल जायेगा
धुन होगी तो धरणीधर भी हिल जायेगा !

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