सभल के चल

बिगड़े हुआ हालात है जरा संभल के चल,
धूल, धुंआ, धुंध है जरा संभल के चल !

पसरी हुई है दहशते, सड़कों चोराहो पर
तुझे पहुंचना  है घर जरा संभल के चल १

कोयला ही कोयला बिखरा पड़ा मैदान में
कैसे बच पायेगा जरा संभल के चल !

रह के कुछ संगमरमरी आचरण भी है
पैर फिसल न जाये जरा संभल के चल !

ये आदर्श की गठरी कब तक लिए चलेगा
हर  मोड़ पर है लुटेरे जरा संभल के चल !

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