जिन दरवाजों पर

जिन दरवाजों पर  दस्तक है
वे दरवाजे बंद है

लूटने वाले हजार चमन है
लुटने  वाले चाँद है

तम की सीमा घट नहीं सकती
सूरज से अनुबंध है !

चाँद यहाँ ऋणग्रत ही रहता
चांदनी पर पेबंद है !

जिन हातो में रक्त लगा है
वे  ही यहाँ निर्बन्ध है !

गीत यहाँ कैसे सज पाये
प्रतिबधित जब छन्द है !

एक तो है विकलांग सफर
उस पर सामने अंध है !

हर मास नहीं मधुमासि
मौसम के प्रतिबन्ध है !




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