हे गणतंत्र तुम्हे प्रणाम
हे गणतंत्र तुम्हे प्रणाम
हे जनतंत्र तुम्हे प्रणाम
मुक्त गगन उन्मुक्त पवन
निर्बन्ध बंध
निर्बाध गंध
हे जनतंत्र तुम्हे प्रणाम
तुम साधिकार
तुम निर्विकार
सम्द्रस्टी मंत्र
निरपेक्ष तंत्र
हे लोकतंत्र तुम्हे प्रणाम
तुम ज्ञान धर्म
अनुरक्त कर्म
नुम सतत प्रवाह
अनमोल मंत्र
हे प्रजातंत्र तुम्हे प्रणाम
तुम प्रगति दीप
सागर के सीप
तुम पंचशील
तुम पंचतंत्र
हे गणतंत्र तुम्हे प्रणाम
हे जनतंत्र तुम्हे प्रणाम
मुक्त गगन उन्मुक्त पवन
निर्बन्ध बंध
निर्बाध गंध
हे जनतंत्र तुम्हे प्रणाम
तुम साधिकार
तुम निर्विकार
सम्द्रस्टी मंत्र
निरपेक्ष तंत्र
हे लोकतंत्र तुम्हे प्रणाम
तुम ज्ञान धर्म
अनुरक्त कर्म
नुम सतत प्रवाह
अनमोल मंत्र
हे प्रजातंत्र तुम्हे प्रणाम
तुम प्रगति दीप
सागर के सीप
तुम पंचशील
तुम पंचतंत्र
हे गणतंत्र तुम्हे प्रणाम
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