हाए राम ये कैसा गजब हो गया , जंगल का राजा शेर मर गया ! फेल गई खबर सारे जंगल में, आग लग गयी सारे मंगल में ! चारो तरफ बस एक शोर हो गया, जंगल का राजा शेर मर गया ! शेर मर गया जंगल का राजा अब कौन बनेगा, जंगल का राजा शेरसिंह बनेगा ! शेर सिंह के मन में था एक विचार , कैसे जंगल का चलेगा कारोबार ! कौन चापलूस है और कौन है मक्कार, कैसे ढूंढ पाउँगा में कोई वफादार ! राजतिलक का समय आ गया, राजपुरोहित भालू आ गया ! भालू ने शेर को तिलक लगाया, शेरसिंह जंगल का राजा कहलाया ! आसन से उठकर होले होले , स्वागत के उत्तर में शेरसिंह बोले ! मेरे जंगलवासियों तुम्हारा आभार, तुमने जो डाल दिया मुझपे यह भार ! इसको उठाऊंगा में सौ सौ बार, पहले यह बताओ यहाँ कितने वफादार ! जो जंगल के जानवर से प्रेम रखेगा, उनके लिए ही जीएगा - मरेगा ! कौन झेल पायेगा सब दुःख के प्रहार, कौन रहेगा मेरे प...