बस्ता
यह मेरा बस्ता है ,बस्ता नही गुलदस्ता है
छोटी बड़ी कोपिया इस्मे छोटी बड़ी किताबे है ,
रंग -बिरंगी पेन्सिल मन मे नही दुराब है
अलग विशय है सबके अपने फिर भी सग सहेली है !
तन मे काले आखट लिप्टे, पर मन की निपट उजेली है
नाप का एक पैमाना है,और निर्माण की जंतारी है !
भूख मिटने का टिफिन भी इस्मे , बंद बने हुए संतरी है
एक साथ सब मगन रह रहे, मिल जुल मौज मस्ता है
यह मेरा बस्ता है , यह मेरा बस्ता है ..........!
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